भारत के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश किया। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट है। इस बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं जो देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता को प्रभावित करेंगी।
बजट 2025 में सरकार ने कई वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स में बदलाव किए हैं, जिससे कुछ चीजें सस्ती हुई हैं तो कुछ महंगी। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि इस बजट में क्या सस्ता हुआ है और क्या महंगा, साथ ही बजट की अन्य महत्वपूर्ण बातें भी जानेंगे।
Union Budget 2025 की मुख्य बातें
विवरण | जानकारी |
बजट का वर्ष | 2025-26 |
वित्त मंत्री | निर्मला सीतारमण |
GDP ग्रोथ अनुमान | 6.3% – 6.8% |
फोकस क्षेत्र | इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इकोनॉमी, कृषि |
टैक्स में बदलाव | कई वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी में कमी |
स्वास्थ्य सेक्टर | 56 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट |
इलेक्ट्रिक वाहन | EV बैटरी निर्माण को प्रोत्साहन |
MSMEs के लिए योजनाएं | कई नई योजनाओं की घोषणा |

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बजट 2025 में क्या हुआ सस्ता?
इस बजट में कई वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स में कमी की गई है, जिससे वे सस्ती हो जाएंगी। आइए जानते हैं कि क्या-क्या सस्ता हुआ है:
- मोबाइल फोन और टीवी: मोबाइल फोन और टीवी के कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है, जिससे इनकी कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।
- दवाइयां: कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की 56 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है। 36 जीवनरक्षक दवाओं को पूरी तरह से कस्टम ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है।
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV): EV बैटरी निर्माण के लिए 35 अतिरिक्त पूंजीगत सामान पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है, जिससे इलेक्ट्रिक गाड़ियां सस्ती हो सकती हैं।
- मोबाइल बैटरी: मोबाइल फोन बैटरी निर्माण के लिए 28 अतिरिक्त पूंजीगत सामान पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है।
- खनिज और धातुएं: कोबाल्ट पाउडर, लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप, लीड, जिंक और अन्य 12 खनिजों को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है।
बजट 2025 में क्या हुआ महंगा?
हालांकि बजट में कई चीजें सस्ती हुई हैं, लेकिन कुछ वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे वे महंगी हो सकती हैं। हालांकि, इस बार के बजट में ज्यादा चीजों को महंगा नहीं किया गया है।
Digital Economy और Innovation पर फोकस
बजट 2025 में डिजिटल इकोनॉमी और इनोवेशन पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने कई नई पहलों की घोषणा की है:
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: 5G नेटवर्क के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए फंड आवंटित किया गया है।
- AI और Machine Learning: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए नए प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे।
- स्टार्टअप इकोसिस्टम: स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए नए टैक्स इंसेंटिव और फंडिंग स्कीम्स की घोषणा की गई है।
कृषि और ग्रामीण विकास
बजट 2025 में कृषि और ग्रामीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है:
- किसान क्रेडिट कार्ड: किसान क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार किया जाएगा और इसके तहत ज्यादा किसानों को कवर किया जाएगा।
- ग्रामीण रोजगार: MGNREGA के तहत मजदूरी बढ़ाई जाएगी और नए रोजगार सृजन कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
- कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर: सिंचाई सुविधाओं, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स के लिए अतिरिक्त फंड आवंटित किया गया है।
स्वास्थ्य और शिक्षा
बजट 2025 में स्वास्थ्य और शिक्षा सेक्टर पर भी फोकस किया गया है:
- Ayushman Bharat: आयुष्मान भारत योजना का विस्तार किया जाएगा और इसके तहत ज्यादा लोगों को कवर किया जाएगा।
- नए मेडिकल कॉलेज: देश भर में नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे ताकि डॉक्टरों की कमी को दूर किया जा सके।
- डिजिटल शिक्षा: ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए प्लेटफॉर्म और कोर्सेज शुरू किए जाएंगे।

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इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट
बजट 2025 में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर बड़ा फोकस है:
- National Infrastructure Pipeline: NIP के तहत नए प्रोजेक्ट्स के लिए फंड आवंटित किया गया है।
- स्मार्ट सिटीज: स्मार्ट सिटी मिशन को और मजबूत किया जाएगा और नए शहरों को इसमें शामिल किया जाएगा।
- ट्रांसपोर्ट: नए हाईवे, रेलवे लाइन्स और मेट्रो प्रोजेक्ट्स के लिए फंड आवंटित किया गया है।
MSMEs के लिए सहायता
बजट 2025 में छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सहायता देने पर विशेष ध्यान दिया गया है:
- क्रेडिट गारंटी स्कीम: MSMEs के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम का विस्तार किया जाएगा।
- टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन: MSMEs को नई टेक्नोलॉजी अपनाने में मदद करने के लिए नई स्कीम शुरू की जाएगी।
- स्किल डेवलपमेंट: MSME कर्मचारियों के लिए नए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे।
टैक्स रिफॉर्म्स
बजट 2025 में कई टैक्स रिफॉर्म्स की घोषणा की गई है:
- इनकम टैक्स: मिडिल क्लास के लिए इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया है।
- GST: GST सिस्टम को और सरल बनाया जाएगा और नए सेक्टर्स को इसके दायरे में लाया जाएगा।
- कॉरपोरेट टैक्स: कुछ सेक्टर्स के लिए कॉरपोरेट टैक्स में छूट दी गई है।
ग्रीन इनिशिएटिव्स
बजट 2025 में पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर भी ध्यान दिया गया है:
- रिन्यूएबल एनर्जी: सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए अतिरिक्त फंड आवंटित किया गया है।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स: EV अडॉप्शन को बढ़ावा देने के लिए नए इंसेंटिव्स की घोषणा की गई है।
- वेस्ट मैनेजमेंट: शहरों में वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए फंड आवंटित किया गया है।
विदेशी निवेश को बढ़ावा
बजट 2025 में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं:
- FDI नीति: कुछ सेक्टर्स में FDI लिमिट बढ़ाई गई है।
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: विदेशी कंपनियों के लिए भारत में व्यापार करना आसान बनाने के लिए नए नियम बनाए गए हैं।
- टैक्स इंसेंटिव्स: विदेशी निवेशकों के लिए नए टैक्स इंसेंटिव्स की घोषणा की गई है।
Disclaimer
यह लेख बजट 2025 की मुख्य बातों पर आधारित है। हालांकि, बजट में की गई घोषणाओं का वास्तविक प्रभाव समय के साथ ही पता चलेगा। कृपया ध्यान दें कि बजट में की गई घोषणाओं में बदलाव हो सकता है और इनका कार्यान्वयन सरकारी नीतियों और नियमों के अनुसार होगा। इसलिए, किसी भी निर्णय लेने से पहले आधिकारिक सूत्रों से जानकारी की पुष्टि कर लें।